नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जंतर-मंतर पर डटे सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिर रही है। 18 दिनों की भूख हड़ताल के कारण उनका वजन 8.50 किलोग्राम घट चुका है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें वांगचुक को तत्काल चिकित्सकीय देखभाल देने की गुहार लगाई गई है।

कोर्ट ने इस पर केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।मुख्य तथ्य (Key Highlights):1.प्रदर्शन का कारण: नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ विरोध।

2. स्थान: जंतर-मंतर, दिल्ली।3. वर्तमान स्थिति: 18 दिनों से भूख हड़ताल, 8.50 किलो वजन में गिरावट।4. न्यायिक हस्तक्षेप: दिल्ली हाईकोर्ट ने चिकित्सा सुविधा लद्दाख की समस्याओं और नीट (NEET) परीक्षा में धांधली जैसे मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है।

उनकी गिरती सेहत को देखते हुए कोर्ट ने मामले पर तत्काल संज्ञान लिया है।जंतर-मंतर पर लद्दाख के मुद्दों और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर डटे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब बेहद गंभीर चरण में प्रवेश कर चुकी है। उनकी बिगड़ती शारीरिक स्थिति को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को अत्यंत संवेदनशील माना है।

अदालत का हस्तक्षेप:न्यायालय ने इस मामले में दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे वांगचुक की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करें। याचिका में विशेष रूप से मांग की गई है कि वांगचुक को तत्काल प्रभाव से आपातकालीन चिकित्सा सहायता (Emergency Medical Aid), समुचित उपचार और आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जाए।18 दिनों का कठिन संघर्ष और स्वास्थ्य पर प्रभाव:सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं। लगातार 18 दिनों की इस भूख हड़ताल का उनके स्वास्थ्य पर गहरा और चिंताजनक असर पड़ा है।

लंबे समय तक अन्न-जल त्यागने के कारण उनके शरीर में कमजोरी और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ने लगी हैं।वजन में गिरावट: उनका वजन लगभग 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है।शारीरिक लक्षण: उन्हें लो ब्लड शुगर (Low Blood Sugar), चक्कर आना, अत्यधिक थकान और मांसपेशियों में कमजोरी की समस्या हो रही है।मेडिकल रिपोर्ट: मंगलवार को रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर 109/70 mm Hg तक गिर गया है। जंतर-मंतर पर तैनात मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।आंदोलन की पृष्ठभूमिवांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के उस प्रदर्शन का हिस्सा हैं, जो नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। ये प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह संगठन तब चर्चा में आया था जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में एक टिप्पणी की गई थी।शशि थरूर की अपीलकांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोनम वांगचुक के नाम एक भावुक संदेश जारी कर उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है। थरूर ने कहा, “आपने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। अब देश को आने वाली लंबी लड़ाई के लिए आपकी आवाज की जरूरत है। संसद का सत्र शुरू हो रहा है, जहाँ हम छात्रों के इन गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।”लद्दाख आंदोलन का लंबा इतिहाससोनम वांगचुक के लिए यह संघर्ष नया नहीं है। इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग के दौरान भी वे काफी सक्रिय रहे थे।जेल और हिरासत: वांगचुक लगभग 170 दिनों तक जोधपुर जेल में रहे हैं।विवाद और आरोप: सितंबर 2025 में लेह में हुई हिंसा के बाद, सरकार ने उन पर अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में ले लिया था।

मैं ब्रजेश कुमार कनेक्ट न्यूज मैं मुख्य संपादक पद पर हूं । किसी भी समस्या/मुझसे बात करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर संपर्क करें। जिससे लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
Tele/WhatsApp: +919313366662/+919412826856 e-mail: brajesh.business1919@gmail.com / info@connectnews.in



