( 90% कमेरा वर्ग पिछड़ी – अतिपिछड़ी , दलित – अतिदलित , आदिवासी – अल्पसंख्यक , पासमांदा मुस्लिम के रूप में चीथड़ों में विभाजित एवं गणतंत्र के इन 76 बर्षों बाद भी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वाधिक शोषित – बंचित , उपेक्षित – उत्पीड़ित , तिरष्कारित – अपमानित जातियों और इंसानों की आबादी भले ही 70% हैं . लेकिन इनमें जागृति – स्वतंत्र , स्वाभिमानी – स्वयंचेता जातियों और इंसानों की आबादी कितनी हैं ? . कितने इनके तथाकथित मसीहाओं और भाग्यबिधाताओं ने इन्हें जागृति करने में अपनी जिम्मेदारी निभाई हैं ? : जागरूक समाज़ दल जसद )

डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संबिधान सम्पूर्ण विश्व का सर्वप्रिय – सर्वमान्य – सर्वश्रेष्ठ संबिधान हैं . लेकिन संबिधान होने के बाद भी भारत में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में 70% सर्वाधिक शोषित – बंचित , उपेक्षित – उत्पीड़ित , तिरष्कारित – अपमानित जातियों और इंसानों का होना भारतीय संबिधान और उसमें दिए गये मौलिक अवसरों और अधिकारों पर सबाल उठाना बाज़िब हैं . भारतीय संबिधान का गुणगान करने वाले विद्वान बतायेंगे कि भारतीय संबिधान की किस अनुच्छेद में भारतीय नागरिकों को मौलिक अवसर और अधिकार दिए गये हैं ? . भारतीय संबिधान के निर्माण हेतु निर्मित मौलिक अधिकार एवं अल्पसंख्यक समिति का अध्यक्ष कौन था ? . ज़ब मौलिक अधिकार एवं अल्पसंख्यक वर्ग समिति का अध्यक्ष डॉ भीमराव अम्बेडकर थे ही नहीं तो फिर डॉ भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय नागरिकों में संबिधान में मौलिक अवसर और अधिकार कैसे दे दिए ? . भारतीय संबिधान में जो मौलिक अवसर और अधिकार दिए गये हैं . वे राज्य सरकारों के लिए हैं . आमजनता के लिए नहीं . उक्त बिचार जागरूक समाज़ दल जसद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रन्तिकारी गौरव सिंह ने वीरांगना फूलन देवी के जन्मोंउत्सव पर दैनिक पंजाब केशरी के साथ एक बिशेष भेंटवार्ता के दौरान व्यक्त किये हैं .
वीरांगना फूलन देवी के जन्मोंउत्सव पर वीरांगना फूलन देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये जागरूक समाज़ दल जसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रन्तिकारी गौरव सिंह ने कहा हैं कि फूलनदेवी आज देश की आधी आबादी के लिए प्रेरणाश्रोत हैं . फूलनदेवी ने अपने बाज़िब जन्मसिद्ध अधिकारों के लिए शोषक वर्ग के खिलाफ़ निर्णायक संघर्ष किया हैं . उन्होंने वेमई में 22 दुष्टों की हत्या करके उनके कर्मों – कुकर्मों की सज़ा देते हुये प्रमाणित कर दिया हैं कि नारी के सब्र का बाँध टूट कर ज़ब भीषण आक्रोश का ज्वालामुखी बनकर फुटता हैं . तो उसका अंजाम भीषण दुष्यंपरिणाम ही होता हैं .
दैनिक पंजाब केशरी के साथ एक बिशेष भेंटवार्ता के दौरान जागरूक समाज़ दल जसद के संस्थापक क्रन्तिकारी गौरव सिंह ने कहा हैं कि शोषित – बंचित आवाम की संख्या 90% और बहुजन जातियों और इंसानों की संख्या 85% बताई जाती हैं . लेकिन बास्तव में जागृति जातियों और इंसानों की जनसंख्या मात्र 5% भी नहीं हैं . अगर 70% सर्वाधिक शोषित – बंचित जातियों और इंसानों के तथाकथित मसीहा और भाग्यबिधाता उनके जागृति करके उनके अन्दर स्वतंत्र – स्वाभिमानी – स्वयंचेता की चेतना – चरित्र – आचरण पैदा करके प्रधानी से लेकर राज़धानी तक निर्भीक – निष्पक्ष – निष्कलंक नेटवर्क – नेतत्व खड़ा करते तो आज प्रदेशों की ही नहीं बल्कि केंद्र तक की सत्ता 70% सर्वाधिक शोषित – बंचित जातियों और इंसानों के हाथों में होती और आज व्यक्ति – परिवार , वंश – उपजाति , जाति – धर्मबिशेष , निहितस्वार्थ – अवसरबादी 10% लुटेरा वर्ग के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी हुक्मरानों लोकतंत्र के चारों स्तम्भ पर नब्बे स्थान प्रति सैकड़ा स्थानों पर काबिज़ नहीं होते .
जागरूक समाज़ दल जसद राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रन्तिकारी गौरव सिंह ने कहा हैं कि 10% लुटेरा वर्ग के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी हुक्मरानों के दिलों और दिमागों में सिर्फ़ और सिर्फ़ शोषित इंकलाब – शोषित जनक्रान्ति का भीषण भय व्याप्त हैं . शोषित इंकलाब के लेनिन शहीद जगदेव प्रसाद द्वारा निर्मित शोषित इंकलाब – शोषित जनक्रान्ति शुद्ध 90% कमेरा वर्गबादी एवं सुनिश्चित मानव – वैज्ञानिक समाज़ , सम्यक बहुजन – लोकहितकारी सामाजिक न्याय , समतामूलक जनतंत्र बादी मूल्यों – आदर्शो , लक्षयों – सिद्धांतों , नीतियों – कार्यक्रमों से युक्त राज़नैतिक बिचारधारा हैं . जिसके चलते 10% लुटेरा वर्ग के हुक्मरानों के होश फ़ाखता हैं . यह ऐतिहासिक एवं प्रमाणित सत्य हैं कि सम्पूर्ण भारत में शोषित इंकलाब – शोषित जनक्रान्ति के अलाबा अन्य कोई भी राज़नैतिक बिचारधारा एवं राज़नैतिक दल 70% सर्वाधिक शोषित – बंचित जातियों और इंसानों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जरूरत और जनसंख्या के अनुपात में सत्तर स्थान प्रति सैकड़ा सुनिश्चित भागेदारी देकर 90% ” कमेरों के द्वारा ! कमेरों के लिए !! कमेरों का राज़ !!! ” स्थापित करने का पराक्रम – प्रताप – पुरुषार्थ नहीं रखता हैं . जागरूक समाज़ दल जसद के अलाबा सम्पूर्ण भारत में अन्य कोई भी राज़नैतिक दल शोषित इंकलाबी एवं शोषित जनतांत्रिक नहीं हैं .
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