स्वाधीनता दिवस महोउत्सव 90% कमेरा वर्ग की 70% सर्वाधिक शोषित – बंचित जातियों और इंसानों के साथ मात्र 10% लुटेरा वर्ग के ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी हुक्मरानों के विश्वासघात का महोउत्सव हैं : क्रन्तिकारी गौरव सिंह ( स्वाधीनता दिवस महोउत्सव अर्थात झूठी – जालफरेबी आज़ादी के जश्न मनाने पर जिसका पैसा बर्बाद किया गया हैं . उसका मात्र 50% पैसा अगर 90% कमेरा वर्ग की सदियों पूर्व से लेकर आज़ादी के 78 बर्षों बाद भी सामाजिक – शैक्षणिक , सांस्कृतिक – आर्थिक , राज़नैतिक दृष्टि से जन्मजात गुलाम 70% सर्वाधिक शोषित – बंचित , उपेक्षित – उत्पीड़ित – तिरष्कारित – अपमानित जातियों और इंसानों को मानवीय गरिमापूर्ण जिन्दगी जीने के जनतांत्रिक अवसरों और अधिकारों को दिलाकर राष्ट्र की मुख्यधारा में जोड़ने हेतु खर्च किया गया होता तो भारत कभी सोने की चिड़िया था . लेकिन आज कोहिनूर की चिड़िया के सम्मान से सम्पूर्ण विश्व में सम्मानित होता : जागरूक समाज़ दल जसद ) अंग्रेज़ों की मनमानी शर्तो और सत्ता में आने की भीषण बेताबी में कोंग्रेस के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी राज़नेताओं ने सिर्फ़ और सिर्फ़ राज़नैतिक आज़ादी को पूर्ण आज़ादी घोषित करना भारत में 90% कमेरा वर्ग की पिछडी – दलित , आदिवासी – अल्पसंख्यक के रूप में चीथड़ों में विभाजित एवं सदियों पूर्व से लेकर आज़ादी के 78 बर्षों बाद भी सामाजिक – शैक्षणिक , सांस्कृतिक – आर्थिक , राज़नैतिक रूप से जन्मजात गुलाम 70% शोषित – बंचित , उपेक्षित – उत्पीड़ित , तिरष्कारित – अपमानित जातियों और इंसानों के साथ सम्पूर्ण विश्व की सबसे बड़ी जालसाज़ी – फरेव , गद्दारी – विश्वासघात हैं . क्योंकि स्वाधीनता संग्राम के दौरान मात्र 10% लुटेरा वर्ग के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी अंग्रेज़ों के गुलाम व्यक्तियों – परिवारों , जातियों – शक्तियों , संगठनों – कोंग्रेस के पदाअधिकारियों , नेताओं – समर्थकों ने जिस आज़ाद भारत के सपने दिखाकर 90% कमेरा वर्ग की 70% शोषित – बंचित जातियों और इंसानों को शामिल किया था . जिसके चलते लाखों ज्ञात – अज्ञात अमर शहीदों ने स्वाधीनता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की हसते – हसते कुर्बानियाँ दीं हैं . वह आज़ादी को प्राप्त हुई ही नहीं हैं . तो फिर इस झूठी – विश्वासघाती आज़ादी का जश्न मनाना एक विश्व का सबसे बड़ा ढोंग नहीं तो फिर और क्या हैं ?. उक्त बिचार जागरूक समाज़ दल जसद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रन्तिकारी गौरव सिंह ने आज दैनिक भाष्कर के साथ एक बिशेष भेंटवार्ता के दौरान व्यक्त किये हैं .दैनिक भाष्कर के द्वारा किये गये विशेष तार्किक एवं अतिमहत्वपूर्ण सबालों का जबाब देते हुये जागरूक समाज़ दल जसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रन्तिकारी गौरव सिंह ने कहा हैं कि अंग्रेज़ों ने भारत में गुलाम बनाया किसको था ?. भारत के राज़ाओं – महाराज़ाओं , नबाबों – जमींदारों के अलाबा अन्य किसी को अंग्रेज़ों ने गुलाम तो बनाया ही नहीं था ? . मात्र 10% लुटेरा वर्ग के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी राज़ाओं – महाराज़ओं , नबाबों – जमींदारों ने 90% कमेरा वर्ग की 70% सर्वाधिक शोषित – बंचित , उपेक्षित – उत्पीड़ित , तिरष्कारित – अपमानित जातियों और इंसानों को अपना जन्मजात गुलाम जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बना रखा था . जंग – ऐ – आज़ादी सिर्फ़ और सिर्फ़ 10% लुटेरा वर्ग के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी हुक्मरानों की अंग्रेज़ों से गुलामी से मुक्ति का आंदोलन था . 90% कमेरा वर्ग की 70% शोषित – बंचित जातियों और इंसानों को तो सिर्फ़ और सिर्फ़ अंग्रेज़ों के गुलामों ने बलि का बकरा बनाकर इस्तेमाल किया था . 15 अगस्त 1947 को अंग्रेज़ों के गुलाम 10% लुटेरा बर्ग के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी हुक्मरानों को आज़ादी मिली हैं . 90% कमेरा वर्ग की सर्वाधिक शोषित – बंचित जातियाँ और इंसान आज़ादी से पूर्व भी इनके गुलाम थे और आज़ादी के 78 बर्षों बाद भी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जन्मजात गुलाम ही हैं . तो ये जंग – ऐ – आज़दी आखिर क्यों और किस लिए मनाये ? ” जश्न ऐ – आज़ादी हम आखिर क्यों और किस लिए मनायें ? , क्योंकि 70% शोषित – बंचित आवाम आज़ादी के 78 बर्षों बाद भी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र गुलामी में ही ज़ी रहे हैं . आज़ाद भारत के 10% लुटेरा वर्ग के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी हुकमरान कौन से उन फिरंगियों से कम हैं , वो तो हमारा कभी कभी ही खून पीते थे , लेकिन ये हुक्मरान तो नित रोज़ खून पी रहे हैं !! ” दैनिक भाष्कर को जागरूक समाज़ दल जसद के संस्थापक क्रन्तिकारी गौरव सिंह ने बताया हैं कि 90% कमेरा वर्ग की 70% सर्वाधिक शोषित – बंचित जातियों और इंसानों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आज़ादी दिलाने हेतु निर्णायक ” जंग – ऐ – शोषित जनक्रान्ति महासंग्राम ” शोषित इंकलाब के लेनिन शहीद जगदेव प्रसाद ने 1967 से 1974 तक शोषित दल के नेतत्व और झंडे के नीचे लड़ा हैं . शोषित इंकलाब के लेनिन शहीद जगदेव प्रसाद ने 1968 में शोषित दल के नेतत्व में बिहार प्रदेश में चार बार सरकार बनाकर 90% कमेरा वर्ग की शोषित – बंचित जातियों के सतीश प्रसाद सिंह कुशवाहा – वी . पी. मण्डल , दरोगाप्रसाद राय – भोला प्रसाद पासवान , सरदार हरिहर सिंह को बिहार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया हैं . शोषित दल के नेतत्व में बिहार प्रदेश की सरकारों के शासन – प्रशासन में 90% कमेरा वर्ग की शोषित – बंचित जातियों और इंसानों को 95% सुनिश्चित भागेदारी देकर 90% ” कमेरों के द्वारा ! कमेरों के लिए !! कमेरों का राज़ !!! ” बिहार प्रदेश में स्थापित करके 10% लुटेरा वर्ग के कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी हुक्मरानों के पराक्रम – प्रताप – पुरुषार्थ को खुली चिनौती देते हुये ” कट्टर ब्राह्मण – पूँजी – सामन्तबादी साम्राज्य और व्यवस्था का समूल विनाश करके मानव – वैज्ञानिक समाज़बादी साम्राज्य और व्यवस्था स्थापित करके असली और आख़री आज़ादी दिलाकर दिखया हैं . प्रेषित प्रतिलिपि : सूचनार्थ एवं प्रकाशनार्थ 1 – सम्पूर्ण प्रिंट – इलेकटॉनिक – सोशल मीडिया भारत

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