नेपाल में बादल फटने से भारी जलप्रलय: 140 से अधिक भारतीय तीर्थयात्री और नागरिक फंसे, बड़े पैमाने पर एयरलिफ्ट और राहत अभियान तेज, हेल्पलाइन नंबर जारी
नेपाल के सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों में बादल फटने और नदियों में आए अचानक उफान ने भीषण तबाही मचाई है। भारी बारिश के बाद हुए भीषण भूस्खलन और तेज सैलाब की चपेट में आने से कई लोगों की जान चली गई है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं। सीमावर्ती दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें और पुल बह जाने के कारण लगभग 140 से अधिक भारतीय तीर्थयात्री और पर्यटक भी सुरक्षित ठिकानों की तलाश में फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों और सेना ने युद्धस्तर पर राहत व बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

आपदा का दायरा और जमीनी नुकसान
- संपर्क मार्ग पूरी तरह ध्वस्त: सीमावर्ती प्रमुख राजमार्गों पर कई जगहों से पहाड़ दरक कर सड़कों पर आ गिरे हैं। मुख्य पुल और रास्ते बहने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
- बुनियादी ढांचा प्रभावित: बाढ़ के तेज बहाव में स्थानीय बस्तियां, सुरक्षा चौकियां और बिजली परियोजनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे कई पहाड़ी इलाकों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क बंद हो गया है।
- सैकड़ों लोग अलग-थलग: पहाड़ी घाटियों में दर्जनों वाहन और यात्री दल फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए विशेष बचाव दल दुर्गम रास्तों से होकर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

फंसे हुए भारतीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों की स्थिति
- मानसरोवर व धार्मिक यात्रा का जत्था: पवित्र धाम और सीमांत क्षेत्रों की यात्रा पर निकले विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं के बड़े समूह भूस्खलन के कारण बीच रास्ते में रुक गए हैं।
- फंसे लोगों की संख्या: प्राथमिक सूचना के अनुसार लगभग 105 भारतीय नागरिक और 37 प्रवासी भारतीय (कुल 140 से अधिक लोग) संपर्क विहीन रास्तों पर फंसे हुए हैं।
- सुरक्षित शरण और ठहराव: स्थानीय ग्रामीणों, सुरक्षित ऊंचाई पर बने आश्रमों और नजदीकी सैन्य बेस कैंपों में कई यात्रियों को सुरक्षित ठहराया गया है। दूतावास और स्थानीय प्रशासन फंसे लोगों की पहचान और उनकी स्थिति की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं।
राहत, खोज और एयरलिफ्ट ऑपरेशन
- हेलीकॉप्टर से बचाव: प्रभावित दुर्गम घाटियों से फंसे हुए बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों की लगातार उड़ानें संचालित की जा रही हैं।
- मलबा हटाने का कार्य: आपदा प्रबंधन बल और पुलिस की संयुक्त टीमें भारी मशीनों और बुलडोजर की मदद से अवरुद्ध मार्गों को साफ करने में जुटी हैं।
- अस्थायी चिकित्सा शिविर: बचाए गए लोगों के लिए सुरक्षित मैदानी क्षेत्रों में आपातकालीन राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, स्वच्छ पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

आपातकालीन सहायता केंद्र और हेल्पलाइन नंबर (Control Room & Helpline Details)

प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं:
- दूतावास आपातकालीन कंट्रोल रूम:
+977-9851316807 - अतिरिक्त आपातकालीन सहायता नंबर:
+977-9709107500 - काउंसलर विंग सहायता (WhatsApp उपलब्ध):
+977-9851107021/+977-9749833292 - आधिकारिक ईमेल संपर्क:
cons.kathmandu@mea.gov.in - पर्यटन पुलिस एवं आपदा सहायता हॉटलाइन:
1144/+977-9851289445

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