शिवराज सिंह चौहान ने लखपति दीदी योजना के बारे में क्या कहा उसकी पूरी जानकारी बताएं और कैसे बैंक से लोन उपलब्ध कराने की बात कही गई लखपति दे दिए योजना
आज, 3 सितंबर 2026 को मुंबई में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने महिलाओं से बैंक लोन और कागजी प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों को समझने की बात कही और कहा कि बैंकरों के साथ बैठक कर इन समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?
चौहान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 3 करोड़ लखपति दीदियां बनाना है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 2 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और बाकी महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ने का प्रयास जारी है।
उन्होंने खास तौर पर कहा कि:
लखपति दीदी बनने के लिए व्यवसाय/उद्यम जरूरी है।
व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए ऋण की जरूरत होती है।
इसमें बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुंबई में महिलाओं ने बैंक से लोन लेने के दौरान आने वाली कठिनाइयों और कागजी प्रक्रिया की समस्याएं बताईं।
इन समस्याओं को बैंकरों के सामने रखकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
लोन से संबंधित परेशानी वाली महिलाओं के लिए हेल्पलाइन बनाने की बात भी उन्होंने कही, ताकि शिकायत/समस्या बताने पर उसके समाधान का प्रयास किया जा सके।
लखपति दीदी योजना में बैंक से कितना लोन मिल सकता है?
यह समझना जरूरी है कि लखपति दीदी कोई एक ऐसा बैंक लोन नहीं है जिसमें हर महिला को सीधे ₹X लाख मिलना तय हो। यह ग्रामीण महिलाओं की आय को बढ़ाकर सालाना कम से कम ₹1 लाख तक पहुंचाने का व्यापक अभियान है। इसके लिए SHG, बैंक ऋण, प्रशिक्षण, उद्यम और बाजार से जोड़ने जैसी व्यवस्थाएं हैं।
सरकारी लखपति दीदी पोर्टल के अनुसार स्वयं सहायता समूह को बिना जमानत
बैंक ऋण ₹20 लाख तक उपलब्ध कराने का प्रावधान है। साथ ही, SHG द्वारा लिए गए ऋण पर अधिकतम ₹3 लाख तक के ऋण के लिए ब्याज को 7% तक लाने हेतु ब्याज सहायता का प्रावधान बताया गया है।
इसके अलावा:
1. जन-धन खाते वाली SHG महिला सदस्य
₹5,000 तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा की पात्रता हो सकती है।
2. व्यक्तिगत महिला उद्यमी
Women Enterprise Acceleration Fund के तहत ₹5 लाख तक के ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी सहायता का प्रावधान है। कुछ ऋणों पर ब्याज सहायता भी उपलब्ध है। �
Lakhpati Didi
3. सामूहिक उद्यम/FPO
बड़े सामूहिक उद्यमों के लिए अलग प्रकार की क्रेडिट/कोलेट्रल सहायता का प्रावधान है। �
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बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया कैसे समझें?
आम तौर पर महिला पहले स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ती है। समूह की बचत, बैंक से जुड़ाव, समूह की गतिविधि और प्रस्तावित व्यवसाय के आधार पर वित्तीय सहायता/बैंक क्रेडिट की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
लोन का उद्देश्य केवल पैसा देना नहीं बल्कि महिला को आय पैदा करने वाला व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने में मदद करना है—जैसे पशुपालन, कृषि आधारित गतिविधि, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, छोटी दुकान, सर्विस बिजनेस आदि।
सरकारी पोर्टल के अनुसार Community Investment Fund (CIF) के माध्यम से भी SHG को अधिकतम ₹2.50 लाख तक सहायता का प्रावधान है, जिसे सदस्य अपनी सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए उपयोग कर सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात
शिवराज सिंह चौहान की मुंबई में कही गई बात का मुख्य फोकस लोन उपलब्ध कराने से ज्यादा लोन लेने में आने वाली दिक्कतों को दूर करना है। उन्होंने महिलाओं की शिकायतें सुनने के बाद बैंकरों के साथ बैठकर समाधान निकालने और जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन के माध्यम से बैंक ऋण संबंधी समस्याओं का समाधान कराने की बात कही है