मेरी पंचायत ऐप और पंचायत दर्पण में अलग-अलग नाम, पंचायत की जानकारी पर उठे सवाल
नरसिंहपुर/गोटेगांव। ग्राम पंचायत बौछार में सरकारी पोर्टल पर दर्ज पंचायत संबंधी जानकारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ‘मेरी पंचायत’ ऐप पर पंचायत की सरपंच के रूप में अनीता श्रीवास्तव का नाम दिखाई दे रहा है, जबकि ‘पंचायत दर्पण’ पोर्टल पर बसंत कुमार पटेल का नाम प्रदर्शित हो रहा है।
एक ही ग्राम पंचायत के लिए दो सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग नाम सामने आने से यह सवाल उठता है कि आखिर इनमें से सही जानकारी कौन-सी है और दोनों पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की जिम्मेदारी किसकी है?
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंचायत दर्पण जैसे पोर्टल पर पंचायत के विकास कार्यों, वित्तीय गतिविधियों और अन्य प्रशासनिक जानकारी से संबंधित विवरण उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे में यदि निर्वाचित प्रतिनिधि की जानकारी ही अलग-अलग दर्ज है, तो पंचायत के अन्य रिकॉर्ड की शुद्धता को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
किस स्तर पर हुई गलती?
पोर्टल पर गलत या पुरानी जानकारी दर्ज होने के पीछे सचिव, रोजगार सहायक, संबंधित पंचायत ऑपरेटर अथवा किसी अधिकारी स्तर पर डेटा अपडेट में हुई त्रुटि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, आधिकारिक जांच के बाद ही उचित जानकारी सामने आ पाएगी जानबूझकर गलत जानकारी दर्ज की गई या किसी की मिलीभगत थी।
सवाल यह है कि पंचायत की अधिकृत जानकारी दोनों सरकारी पोर्टल पर एक जैसी क्यों नहीं है? यदि किसी पोर्टल पर पुराना नाम दर्ज है तो उसे समय पर अपडेट क्यों नहीं किया गया?
पंचायत फंड और विकास कार्यों के रिकॉर्ड की भी हो जांच
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जब पंचायत की मूल जानकारी में ही अंतर दिखाई दे रहा है, तो पंचायत को प्राप्त विकास निधि, स्वीकृत कार्यों, भुगतान, निर्माण कार्यों और खर्च संबंधी ऑनलाइन रिकॉर्ड की भी संबंधित विभाग द्वारा जांच की जानी चाहिए।
यदि रिकॉर्ड में कोई विसंगति पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि यह केवल पोर्टल अपडेट की तकनीकी अथवा प्रशासनिक त्रुटि है, तो संबंधित विभाग को दोनों पोर्टल पर सही जानकारी तत्काल अपडेट करनी चाहिए।
सरपंच और सचिव से मांगा गया जवाब
ग्राम पंचायत बौछार की सरपंच अनीता श्रीवास्तव से फोन पर संपर्क कर इस विसंगति के संबंध में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। पंचायत सचिव अरविंद पटेल से भी मामले में स्पष्टीकरण अपेक्षित है।
अब सवाल संबंधित जनपद पंचायत गोटेगांव और जिला पंचायत नरसिंहपुर के अधिकारियों से है कि दोनों पोर्टल पर अलग-अलग नाम दर्ज होने का कारण क्या है और इसे कब तक ठीक किया जाएगा?
रिपोर्ट: विकास सियारिया
जिला नरसिंहपुर | तहसील गोटेगांव | ग्राम पंचायत बौछार